बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गुरुवार को द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसे दोनों देशों के लिए “उच्च-दांव” वाला संवाद बताया जा रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब व्यापार, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ रहा है।
ट्रम्प का आगमन ग्रेट हॉल ऑफ पीपल में शानदार स्वागत के साथ हुआ, जहां उन्हें औपचारिक स्वागत समारोह में शामिल किया गया। दोनों नेताओं ने वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा की, जो विशेष रूप से पश्चिम एशिया के संघर्षों और उसके बाद वैश्विक ऊर्जा संकट से उत्पन्न हुई हैं।
बैठक के दौरान ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि अमेरिका और चीन का भविष्य साझा रूप से “शानदार” होगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को आपसी सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने की दिशा में काम करना चाहिए।
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सूत्रों के अनुसार, बैठक में व्यापार घाटा, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर भी बातचीत हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक वैश्विक आर्थिक स्थिरता और दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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