वैज्ञानिकों ने एक ऐसे संकेत का पता लगाया है, जो भविष्य में ज्वालामुखी से पैदा होने वाली सुनामी की पहले चेतावनी देने में मदद कर सकता है। शोध के अनुसार, समुद्र के नीचे होने वाली गतिविधियों से उत्पन्न ध्वनि और जल-ध्वनि तरंगों की निगरानी कर संभावित खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यह शोध जनवरी 2022 में टोंगा के हुंगा ज्वालामुखी में हुए बेहद शक्तिशाली विस्फोट के अध्ययन पर आधारित है। इस विस्फोट से राख और गैस का गुबार 50 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई तक पहुंच गया था। दबाव तरंगें पूरी दुनिया में दर्ज की गईं और कई सुनामी लहरें पैदा हुईं।
शोध में सामने आया कि इस घटना के दौरान सुनामी की सभी लहरों की वजह एक जैसी नहीं थी। शुरुआती धमाकों के कारण टोंगाटापू द्वीप के पास कुछ ही मिनटों में एक से चार मीटर ऊंची लहरें पहुंचीं। इसके एक घंटे से अधिक समय बाद ज्वालामुखी के कैल्डेरा यानी मुख्य गड्ढे के अचानक धंसने से कहीं अधिक विनाशकारी सुनामी पैदा हुई। हुंगा से करीब 100 किलोमीटर के दायरे में स्थित द्वीपों पर 18 से 40 मीटर तक ऊंची लहरें पहुंचीं, जिससे दक्षिणी और मध्य टोंगा के गांवों तथा रिसॉर्ट को भारी नुकसान हुआ।
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वैज्ञानिकों ने दक्षिण-पश्चिम प्रशांत क्षेत्र के 14 भूकंपीय केंद्रों के रिकॉर्ड का दोबारा विश्लेषण किया। इनमें कुछ केंद्र हुंगा से 2,600 किलोमीटर दूर थे। शोधकर्ताओं ने विस्फोट से पहले समुद्र के भीतर ज्वालामुखी की ढलानों से तेजी से नीचे खिसक रहे भूस्खलनों की आवाजों को दर्ज किया।
इन गतिविधियों से पैदा हुई ध्वनि तरंगें समुद्र के भीतर लंबी दूरी तक पहुंचीं और संचार केबलों को भी नुकसान हुआ। वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र तल से ऊपर उठा ज्वालामुखी एक घंटी की तरह काम कर सकता है, जो पानी के भीतर होने वाली हिंसक गतिविधियों के संकेत दूर तक पहुंचाता है।
समुद्र के अंदर मौजूद ज्वालामुखियों की निगरानी बेहद चुनौतीपूर्ण है। प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में सैकड़ों ज्वालामुखी हैं, लेकिन उनकी गतिविधियों पर निगरानी सीमित है।
उपग्रह राख और गैस के उत्सर्जन में बदलाव पहचान सकते हैं, लेकिन वे हमेशा यह नहीं बता पाते कि विस्फोट से घातक सुनामी पैदा होगी या नहीं। वहीं, पारंपरिक भूकंप मापक भी दूर स्थित होने के कारण हर बार पर्याप्त संकेत नहीं दे पाते। ऐसे में समुद्र के भीतर की ध्वनि तरंगों की निगरानी भविष्य में सुनामी चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
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