बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में गंडक नदी का रिंग बांध रविवार रात अचानक टूट गया। करीब 25 फीट बांध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के गांवों और रिहायशी इलाकों में फैल गया। इससे सैकड़ों घरों में पानी घुस गया और 10 हजार से अधिक लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।
गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण रिंग बांध पर दबाव बढ़ रहा था। बांध टूटते ही पानी तेज गति से गांवों की ओर पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार अपने घरों से सामान और मवेशियों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए हैं।
बाढ़ के पानी से हाजीपुर की प्रसिद्ध केले की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई एकड़ में लगी केले की फसल पानी में डूब गई है। किसानों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
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दो दिन से हो रहा था रिसाव
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रिंग बांध में पिछले दो दिनों से रिसाव हो रहा था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दिए जाने का दावा किया है। उनका आरोप है कि समय रहते बांध की मरम्मत नहीं की गई, जिसके कारण आखिरकार बांध टूट गया।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध टूटने के बाद भी राहत और बचाव कार्य में तेजी नहीं दिखाई गई। कई इलाकों में पानी लगातार बढ़ रहा है और लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन की कथित लापरवाही को लेकर नाराजगी है।
घरों और खेतों में भरा पानी
बांध टूटने के बाद सामने आई तस्वीरों में कई घर पानी से घिरे नजर आ रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के बीच सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे हैं। खेतों में खड़ी फसलें भी जलमग्न हो गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि रिसाव के समय ही प्रभावी कदम उठाए जाते तो स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता था। हाई अलर्ट के बावजूद स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव कार्य में कथित देरी को लेकर लोगों में रोष है। प्रभावित परिवार प्रशासन से तत्काल राहत, सुरक्षित निकासी और भोजन-पानी की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
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