उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने के बाद बारिश का दौर थम गया है। शनिवार को प्रदेशभर में मौसम साफ रहा और किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के आसार हैं। दिन में धूप निकलने से गर्मी महसूस होगी, वहीं सुबह और रात के समय हल्की ठंडक का अहसास हो सकता है।
दूसरी ओर, प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का असर अब भी बना हुआ है। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी उतरने लगा है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। कॉलोनियों और गलियों में कीचड़ जमा है, जबकि कई जगह कचरे के ढेर और दुर्गंध से लोगों को परेशानी हो रही है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सफाई और संक्रमण से बचाव की चुनौती भी बढ़ गई है। इसी बीच लखनऊ में उल्टी-दस्त और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आई है। साथ ही डेंगू के 16 नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
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सीतापुर में खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है, जिससे धान की फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है।
वहीं प्रयागराज के झूंसी में गंगा नदी के बीच स्थित करीब 20 साल पुराना तीन मंजिला आश्रम ढह गया। हादसे में मलबे में तीन लोगों के दबने की सूचना मिली थी, जिनमें से दो को बचा लिया गया है, जबकि तीसरे व्यक्ति की तलाश अभी जारी है।
उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने इस साल यूपी में कम बारिश होने का अनुमान जताया था, लेकिन 26 सितंबर को विभाग ने बताया कि प्रदेश में तय कोटे से 2 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते वाराणसी, प्रयागराज, बहराइच, उन्नाव और बाराबंकी समेत प्रदेश के 32 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। लगातार हुई बारिश के बाद अब लोगों में यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि इस साल सर्दियां जल्दी दस्तक दे सकती हैं, हालांकि इस पर मौसम विभाग की ओर से कोई औपचारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
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