अमेरिका के राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र के प्रमुख जोसेफ केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था और यह युद्ध इज़राइल के दबाव में शुरू किया गया।
जोसेफ केंट ने अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने लिखा कि काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपने पद से हटने का फैसला लिया है।
अपने पत्र में केंट ने स्पष्ट कहा कि वह ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। उनका कहना था, “मैं इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता क्योंकि ईरान से हमारे देश को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था। यह साफ है कि हमने यह युद्ध इज़राइल और उसके शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया।”
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उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जून 2025 तक यह मानते थे कि मध्य पूर्व के युद्ध अमेरिका के संसाधनों और लोगों के जीवन को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके बावजूद हालात बदल गए और अमेरिका इस संघर्ष में शामिल हो गया।
केंट ने आरोप लगाया कि इज़राइल के वरिष्ठ अधिकारियों और अमेरिकी मीडिया के कुछ प्रभावशाली वर्गों ने युद्ध के पक्ष में माहौल बनाने के लिए भ्रामक अभियान चलाया। उनका कहना था कि इस “मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन” के जरिए अमेरिका को ईरान के खिलाफ युद्ध की ओर धकेला गया।
इस इस्तीफे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आरोप अमेरिका की विदेश नीति और उसके निर्णयों पर गंभीर सवाल खड़े कर सकते हैं।
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