अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कूटनीति एक बार फिर रफ्तार पकड़ती नजर आ रही है। कतर की राजधानी दोहा में हुई ताजा वार्ता के बाद कतर सरकार ने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है। दोनों पक्षों ने आने वाले दिनों में बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।
कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह वार्ता कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में आयोजित हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और प्रधानमंत्री के सलाहकार माजिद अल अंसारी ने बताया कि यह बातचीत लेक लूसर्न शिखर सम्मेलन में बनी सहमतियों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने के बाद अगले दौर की वार्ता जल्द आयोजित की जाएगी।
दूसरी ओर, ईरान ने वार्ता के दौरान अमेरिका द्वारा पहले किए गए वादों को पूरा नहीं करने का मुद्दा उठाया। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि लेबनान से जुड़े अमेरिकी वादों के पालन में कमी पर चर्चा की गई। उन्होंने यह भी बताया कि कतर के अधिकारियों के साथ ईरान के पहले से फ्रीज किए गए 6 अरब अमेरिकी डॉलर के एक हिस्से के उपयोग पर भी सहमति बनी है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की खरीद की जाएगी।
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ईरान में 4 से 9 जुलाई के बीच पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसके कारण अगली वार्ता कुछ समय के लिए टल सकती है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
दोहा में जारी यह वार्ता पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की अहम कोशिश मानी जा रही है। हालांकि अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन सकारात्मक प्रगति से कूटनीतिक समाधान की उम्मीद मजबूत हुई है।
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