अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान की दो छोटी नौकाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास गश्त कर रहे अमेरिकी नौसेना के एक मानवरहित समुद्री ड्रोन को कब्जे में लेने की कोशिश की। इसके बाद अमेरिकी सेना ने दोनों नौकाओं पर गोलीबारी कर उन्हें नष्ट कर दिया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि ईरानी छोटी नौकाओं ने अमेरिकी मानवरहित सतही पोत पर कब्जा करने का प्रयास किया, लेकिन सेंटकॉम की कार्रवाई के बाद वे सफल नहीं हो सकीं।
हॉकिन्स के अनुसार, इस्तेमाल किया गया ड्रोन ‘सेलड्रोन’ था। करीब 25 फीट यानी आठ मीटर लंबा यह मानवरहित पोत स्वचालित रूप से काम कर सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में समुद्री यातायात की निगरानी के लिए ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि कमांड द्वारा संचालित सभी सतही ड्रोन का हिसाब मौजूद है। अमेरिकी सेना का कहना है कि सेलड्रोन में इस्तेमाल तकनीक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है और संवेदनशील नहीं है।
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ईरान ने घटना का अलग विवरण दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी तट पर स्थित हॉर्मोजगान प्रांत में मछली पकड़ने वाली दो नौकाओं पर हमला हुआ और कई मछुआरों के लापता होने की सूचना है।
यह घटना एक सप्ताह बाद हुई है, जब ईरानी सरकारी टेलीविजन ने दावा किया था कि ईरानी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र के पास एक अमेरिकी पानी के भीतर चलने वाला ड्रोन कब्जे में लिया। हॉकिन्स ने तब कहा था कि एंडुरिल डाइव-एलडी ड्रोन सर्वेक्षण के दौरान खराब हो गया था। उनके मुताबिक यह पुराना मॉडल था और इसमें संवेदनशील या वर्गीकृत सोनार और रडार उपकरण नहीं थे।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष समाप्त होते ही तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी।
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