अमेरिका ने कहा कि वह पाकिस्तान के उस अधिकार का समर्थन करता है, जिसके तहत वह अफगान तालिबान के हमलों के खिलाफ अपनी रक्षा कर सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि “अमेरिका तालिबान जैसे विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी संगठन के हमलों के खिलाफ पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान ने दावा किया कि वह और अफगानिस्तान के तालिबान शासक “खुले युद्ध” की स्थिति में हैं। अफगान तालिबान ने शुक्रवार को कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, बशर्ते पाकिस्तान अपने हवाई हमले रोके।
पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्र में किए गए हवाई हमलों के बाद सीमा पर झड़पें तेज हो गईं। शुक्रवार को अफगान बलों की जवाबी कार्रवाई से तनाव और बढ़ गया। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान उसकी जमीन पर सक्रिय पाकिस्तानी तालिबान आतंकियों को पनाह दे रहा है, जबकि काबुल इन आरोपों से इनकार करता है।
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ख्वाजा मुहम्मद आसिफ, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री, ने हालात को “खुला युद्ध” करार दिया है। दोनों पक्षों ने भारी नुकसान की बात स्वीकार की है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है और हिंसा में हुई जनहानि से दुखी है। अमेरिका पाकिस्तान का प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी है और अफगान तालिबान को आतंकवादी संगठन मानता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान की सैन्य क्षमता अफगानिस्तान से कहीं अधिक है, लेकिन तालिबान गुरिल्ला युद्ध में अनुभवी हैं। बढ़ता संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
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