अमेरिका ने वीज़ा नीति को और कड़ा करते हुए उन देशों की संख्या लगभग तीन गुना कर दी है, जिनके नागरिकों को अमेरिकी वीज़ा के लिए आवेदन करते समय 5,000 से लेकर 15,000 डॉलर तक का बॉन्ड (जमानत राशि) जमा करना होगा। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से अब कुल 38 देश इस सूची में शामिल हो गए हैं।
स्टेट डिपार्टमेंट ने मंगलवार को इस सूची में 25 नए देशों को जोड़ दिया। इससे पहले, एक सप्ताह से भी कम समय में सात देशों को शामिल किया गया था, जिससे यह संख्या 13 हो गई थी। नए देशों पर यह बॉन्ड नियम 21 जनवरी से लागू होगा। इस फैसले की जानकारी travel.state.gov वेबसाइट पर जारी नोटिस में दी गई है।
इस कदम का सबसे बड़ा असर अफ्रीकी देशों पर पड़ा है, हालांकि लैटिन अमेरिका और एशिया के कुछ देश भी इसमें शामिल हैं। आलोचकों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि जमा करने की शर्त के कारण कई लोगों के लिए अमेरिकी वीज़ा हासिल करना लगभग असंभव हो जाएगा।
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ट्रंप प्रशासन पहले से ही अमेरिका में प्रवेश के नियमों को सख्त करता रहा है। इनमें सभी वीज़ा आवेदकों के लिए व्यक्तिगत इंटरव्यू, कई वर्षों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी, तथा स्वयं और परिवार के पिछले यात्रा व निवास विवरण साझा करना अनिवार्य किया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों का तर्क है कि यह बॉन्ड व्यवस्था उन देशों के नागरिकों द्वारा वीज़ा अवधि से अधिक समय तक रुकने की घटनाओं को रोकने में कारगर है। हालांकि, बॉन्ड जमा करने से वीज़ा मिलने की गारंटी नहीं होती। यदि वीज़ा आवेदन खारिज हो जाता है या वीज़ा धारक नियमों का पालन नहीं करता है, तो बॉन्ड की राशि वापस कर दी जाएगी।
21 जनवरी से जिन नए देशों पर यह नियम लागू होगा, उनमें बांग्लादेश, नेपाल, नाइजीरिया, क्यूबा, वेनेज़ुएला, जिम्बाब्वे और युगांडा सहित कुल 25 देश शामिल हैं। इससे पहले भूटान, बोत्सवाना, तंज़ानिया और ज़ाम्बिया जैसे देश पहले से ही इस सूची में थे।
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