वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार (3 जनवरी 2026) को एक अहम आदेश जारी करते हुए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को देश की अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने का निर्देश दिया है। यह फैसला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अनुपस्थिति के मद्देनज़र लिया गया है, जिन्हें शनिवार सुबह अमेरिका की सेनाओं द्वारा किए गए एक अभियान में हिरासत में लिया गया था।
वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक पीठ ने अपने आदेश में कहा कि डेल्सी रोड्रिगेज “बोलिवेरियन रिपब्लिक ऑफ वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद का दायित्व संभालेंगी, ताकि प्रशासनिक निरंतरता सुनिश्चित की जा सके और राष्ट्र की समग्र रक्षा की जा सके।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था देश के शासन और प्रशासन को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए की गई है।
अदालत के फैसले में यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति की “बलपूर्वक अनुपस्थिति” की स्थिति में राज्य की निरंतरता, सरकार के संचालन और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन-सा कानूनी ढांचा लागू होगा, इस पर कोर्ट आगे विचार-विमर्श करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस असाधारण स्थिति को लेकर विस्तृत कानूनी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।
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गौरतलब है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक संकट और गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि देश के भीतर सत्ता और शासन की वैधता को लेकर बहस तेज हो गई है।
डेल्सी रोड्रिगेज इससे पहले भी मादुरो सरकार में अहम भूमिका निभा चुकी हैं और उन्हें मादुरो की करीबी सहयोगी माना जाता है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देश गंभीर राजनीतिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहा है। अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में रोड्रिगेज के सामने प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने और संप्रभुता की रक्षा की बड़ी चुनौती होगी।
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