पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने पुष्टि की कि 86 वर्षीय खामेनेई की 28 फरवरी को तेहरान में हुए समन्वित हवाई हमलों में मौत हो गई। इन हमलों में ईरान के कई सरकारी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है। ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने मोजतबा खामेनेई के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें पद संभालने पर बधाई दी, जबकि चीन ने नए सर्वोच्च नेता को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश का विरोध किया है।
इस बीच इज़राइल ने पश्चिम एशिया में अपने सैन्य अभियान का विस्तार करते हुए दक्षिणी लेबनान, बेरूत और ईरान के कुछ हिस्सों में कई ठिकानों पर हमले किए हैं। संघर्ष के बीच ईरान ने आरोप लगाया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका देश को विभाजित करना चाहता है और उसके तेल संसाधनों पर नियंत्रण पाना चाहता है।
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भारत में इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ती स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बढ़ती हिंसा, भारी जनहानि और बुनियादी ढांचे को नुकसान के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।
जयशंकर ने बताया कि भारत के इस क्षेत्र से घनिष्ठ संबंध हैं, इसलिए यह संकट भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत ने संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है।
उन्होंने संसद को बताया कि आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र में भारतीय दूतावास चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और अब तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुके हैं।
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