दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक महिला के विरुद्ध जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महिला की टिप्पणियों से संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और उनका उद्देश्य सार्वजनिक शांति भंग करना तथा समाज में वैमनस्य फैलाना था। घटना का मामला अब आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है। वीडियो में रुचिका सिंह नामक महिला कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का भी उल्लेख है। यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किया गया था।
यह जीरो एफआईआर 29 जुलाई को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर स्थित एक्सप्रेसवे थाने में दर्ज की गई। शिकायत सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता स्मृति सिंह चंदेल ने दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, यह घटना 23 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान हुई थी।
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एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सार्वजनिक रूप से की गई कथित अभद्र टिप्पणियां न केवल प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा के विरुद्ध थीं, बल्कि उनका उद्देश्य समाज में नफरत फैलाना और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करना भी था।
उत्तर प्रदेश पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चूंकि कथित घटना दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में हुई थी, इसलिए नोएडा पुलिस द्वारा दर्ज की गई जीरो एफआईआर को विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस को हस्तांतरित कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस वायरल वीडियो सहित उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
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