राजस्थान में सोमवार को हुए मेयर चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सात में से छह नगर निगमों में मेयर पद पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को सिर्फ बीकानेर में सफलता मिली। बीजेपी ने अलवर, उदयपुर, अजमेर और पाली के अलावा भरतपुर और भीलवाड़ा में भी मेयर पद अपने नाम किया।
अलवर नगर निगम में बीजेपी ने 65 में से 28 वार्ड जीते थे, जबकि कांग्रेस के खाते में 23 वार्ड आए थे। इसके बावजूद बीजेपी की सुमन लता अग्रवाल 42 वोट हासिल कर मेयर चुनी गईं। उन्हें 13 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 23 वोट मिले।
उदयपुर में बीजेपी के पारस सिंघवी 55 वोट पाकर मेयर निर्वाचित हुए। कांग्रेस उम्मीदवार पूनम कुमार राठौड़ को 25 वोट मिले। हालिया निकाय चुनाव में बीजेपी ने 80 में से 53 वार्ड जीते थे, जबकि कांग्रेस को 23 और निर्दलीयों को तीन वार्ड मिले थे।
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अजमेर में बीजेपी उम्मीदवार ने 43 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। सभी 11 निर्दलीय पार्षदों ने बीजेपी का समर्थन किया। कांग्रेस उम्मीदवार को 37 वोट मिले। पाली में बीजेपी की नमिता बुबकिया 33 वोट पाकर मेयर बनीं, जिसमें 12 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन शामिल था। भरतपुर और भीलवाड़ा में बीजेपी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने 50 वोट हासिल कर बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत को हराया, जिन्हें 30 वोट मिले। कांग्रेस ने यहां 79 में से 42 वार्ड जीते थे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि निकाय चुनावों में बीजेपी ने बल और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया कि कांग्रेस पार्षदों को रोका और हिरासत में लिया गया। बीजेपी या राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं आई है। जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर चुनाव 25 सितंबर को होंगे।
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