चीन के शंघाई शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा विश्व हिंदी दिवस का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पूर्वी चीन के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के हिंदी शिक्षक और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम शनिवार (10 जनवरी 2026) को आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने कहा कि हिंदी एक ऐसी भाषा है जो सीमाओं से परे लोगों को जोड़ती है। उन्होंने हिंदी की गरिमा और वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़कर सुनाया। प्रधानमंत्री के संदेश में कहा गया, “हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि यह भारत की संवेदनशीलता, मूल्यों और विचारों को दुनिया तक पहुंचाने वाली एक सशक्त कड़ी है।”
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कार्यक्रम में फुदान यूनिवर्सिटी, शंघाई इंटरनेशनल स्टडीज यूनिवर्सिटी और ईस्ट चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्रों और शिक्षकों ने हिंदी में अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियां और विचार साझा किए।
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कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि चीन के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में हिंदी को नियमित पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाया जाता है, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करता है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य और शंघाई स्थित राजनयिक समुदाय के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। शंघाई थिएटर अकादमी के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, वहीं भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की।
यह आयोजन भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संवाद को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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