पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सैन्य संघर्ष किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने पश्चिम एशिया और यूक्रेन में चल रहे संघर्षों को जल्द समाप्त करने की अपील की और शांति के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह टिप्पणी अलेक्जेंडर स्टब्ब के साथ व्यापक वार्ता के बाद कहा। उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। मोदी ने कहा कि किसी भी विवाद को केवल सैन्य टकराव से हल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, “चाहे मामला यूक्रेन का हो या पश्चिम एशिया का, भारत हर संघर्ष के जल्द अंत और शांति की दिशा में हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा।”
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बैठक के दौरान भारत और फिनलैंड ने डिजिटलीकरण और सतत विकास के क्षेत्रों में संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने पर भी सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 6जी दूरसंचार, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में यह साझेदारी दोनों देशों के सहयोग को नई गति देगी।
इस बीच पश्चिम एशिया में युद्ध और तेज हो गया है। ईरान ने गुरुवार सुबह टेल अवीव और यरूशलेम सहित इज़राइली और अमेरिकी ठिकानों पर नए हमले किए। वहीं इज़राइल ने तेहरान में बड़े पैमाने पर हमले शुरू करने का दावा किया है।
उधर अमेरिकी नौसेना ने हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 87 ईरानी की मौत हो गई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस घटना को “समुद्र में किया गया अत्याचार” बताया और अमेरिका को इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
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