असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर दिसपुर विधानसभा क्षेत्र में 'विद्रोही बनाम द्रोही' की स्थिति बन गई है। पूर्व कांग्रेस नेता प्रद्युत बर्दोलोई अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। उनका सामना पूर्व BJP नेता जयंत कुमार दास से होगा।
हालांकि बर्दोलोई पार्टी में "नए सदस्य" हैं, उन्हें टिकट इसलिए दिया गया है ताकि उनका प्रशासनिक अनुभव BJP के पक्ष में काम आए। उनके नामांकन से दिसपुर सीट पर मुकाबला और भी रोचक हो गया है, क्योंकि यह सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक पहचान और पार्टी बदलने वाले नेताओं के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है।
पूर्व कांग्रेस नेता बर्दोलोई ने कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्र के विकास और जनता के हित में काम करना है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए वोट दें। वहीं, जयंत कुमार दास ने कहा कि पार्टी की पुरानी नीतियों और लोक कल्याण योजनाओं को मजबूत बनाना उनका प्रमुख लक्ष्य रहेगा।
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विशेषज्ञों का कहना है कि इस चुनाव में उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और उनके पार्टी परिवर्तन के निर्णय से मतदाता भारी प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव प्रचार में दोनों पक्षों ने प्रशासनिक मुद्दों, विकास योजनाओं और जनता के कल्याण को मुख्य एजेंडा बनाया है।
दिसपुर के मतदाता अब यह तय करेंगे कि प्रशासनिक अनुभव और नई सोच अधिक प्रभावशाली होगी या पार्टी वफादारी और पुराने नेताओं का भरोसा। इस मुकाबले से असम चुनावों की राजनीतिक कहानी और भी दिलचस्प बन गई है।
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