कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पंजाब में पेपर लीक मामले को लेकर आगे की रणनीति पर काम करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि संगठन भविष्य की योजनाओं को लेकर चर्चा कर रहा है और छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामले लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े होते हैं और सरकार को इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मुकदमों को वापस लिया जाए और भविष्य में भी छात्रों पर किसी तरह की एफआईआर दर्ज नहीं की जानी चाहिए।
सीजेपी संस्थापक ने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन किया था। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ छात्रों पर दर्ज एफआईआर को लेकर बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि इस मुद्दे का समाधान जल्द निकलेगा।
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उन्होंने कहा कि संगठन की प्राथमिकता छात्रों के हितों की रक्षा करना है। पेपर लीक जैसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भरोसे को प्रभावित करती हैं। इसलिए जरूरी है कि सरकार सख्त कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
अभिजीत दीपके ने कहा कि सीजेपी आगे की रणनीति पर विचार कर रही है और आने वाले दिनों में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी भूमिका तय करेगी। उन्होंने दोहराया कि संगठन छात्रों के अधिकारों और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
गौरतलब है कि पेपर लीक विवाद को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, दोषियों पर कार्रवाई और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग उठाई थी। सीजेपी ने भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया था और अब संगठन आगे की रणनीति तैयार कर रहा है।
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