तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (अन्नाद्रमुक) ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया है।
बताया जा रहा है कि इस फैसले में वरिष्ठ नेताओं सी.वी. षणमुगम और एस.पी. वेलुमणि की अहम भूमिका रही। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब अन्नाद्रमुक के भीतर मतभेद बढ़ते जा रहे थे और पार्टी के कई विधायक टीवीके को समर्थन देने की मांग कर रहे थे।
पार्टी के अंदर जारी खींचतान के कारण विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक, एडप्पादी के. पलानीस्वामी को यह संकेत दिया गया था कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 30 से अधिक विधायक पार्टी से अलग होकर टीवीके का समर्थन कर सकते हैं।
और पढ़ें: तमिलनाडु में सरकार गठन की हलचल तेज, TVK-AIADMK गठबंधन की अटकलों के बीच एन. आनंद ने पलानीस्वामी से मुलाकात की
इस बीच विजय सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने में सक्रिय हैं। टीवीके ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद बहुमत से 10 सीटें कम पाई हैं।
विजय ने समर्थन के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे और थोल. थिरुमावलवन से संपर्क किया है। वहीं पट्टाली मक्कल काची के चार विधायक भी उनसे मुलाकात कर चुके हैं।
दूसरी ओर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी सशर्त समर्थन देने की घोषणा की है, जिसमें संविधान विरोधी ताकतों को गठबंधन से दूर रखने की शर्त शामिल है।
और पढ़ें: तमिलनाडु में TVK को समर्थन पर DMK का कांग्रेस पर हमला, INDIA गठबंधन में दरार गहरी