एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान के पायलट के शरीर में मनो-सक्रिय पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। विमान हादसा जांच ब्यूरो (एएआईबी) की शुक्रवार को जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट बाद में प्रकाशित की जाएगी।
एयर इंडिया की उड़ान एआई 2379 एयरबस ए320 विमान थी। पिछले महीने उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट का बदलाव हुआ था। इसके अलावा, कई हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के कारण विमान का नियंत्रण लगभग चार सेकंड तक प्रभावित हुआ था।
एएआईबी ने अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के दिशा-निर्देशों के तहत प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कमांडिंग पायलट की पुष्टि जांच में मनो-सक्रिय पदार्थ के लिए परिणाम नकारात्मक नहीं पाया गया। इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए एएआईबी ने नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से प्राथमिकता के आधार पर उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
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यह घटना 4 अगस्त को हुई थी। विमान में 137 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे। उड़ान के दौरान तेज झटकों के बाद विमान करीब 300 फीट नीचे चला गया। घटना में 17 लोग घायल हुए, जिनमें चालक दल के चार सदस्य शामिल थे। एक चालक दल के सदस्य को रीढ़ और गर्दन में चोट भी लगी थी।
घटना के बाद नागरिक विमानन मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लिया था। जांच में पायलट-इन-कमांड की प्रारंभिक जांच में गांजा के लिए सकारात्मक परिणाम सामने आने की बात भी सामने आई थी।
एयर इंडिया ने उस समय मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया था। हालांकि, एयरलाइन ने कहा था कि वह विमानन नियमों के तहत चालक दल के सदस्यों की नियमित रूप से मादक पदार्थ जांच कराती है और अधिकारियों के साथ सहयोग जारी रखेगी।
एएआईबी की जांच में यह भी सामने आया कि कई हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के चलते दबाव कम हुआ, जिससे एक्ट्यूएटर्स ने काम करना बंद कर दिया और करीब चार सेकंड तक उड़ान नियंत्रण प्रभावित हुआ।
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