समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम ने भारत की विदेश नीति को नुकसान पहुंचाया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत और प्रभावशाली भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन मौजूदा सरकार इस मामले में असफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ यह समझौता भारत के लिए चिंता का विषय है और यह दिखाता है कि देश की विदेश नीति कमजोर हो गई है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि पहले भारत की विदेश नीति स्वतंत्र और संतुलित मानी जाती थी, लेकिन अब उसमें स्पष्ट दिशा की कमी दिखाई देती है।
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अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भारत को अपनी कूटनीतिक रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है, ताकि वह अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित कर सके।
वहीं, बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी अब घरेलू राजनीति में बयानबाजी तेज हो रही है।
इस बयान ने देश की विदेश नीति और कूटनीतिक रणनीति को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
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