असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता झूठे और मनगढ़ंत दस्तावेजों का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह रणनीति न केवल राजनीतिक रूप से गलत है, बल्कि इससे उनके ही नेताओं को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री सरमा ने विशेष रूप से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई हो रही है, वह उनके अपने बयानों और आरोपों का परिणाम है। सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर सच्चाई और पारदर्शिता की कमी है, जिसके कारण उसके नेता बार-बार विवादों में घिरते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। सरमा के अनुसार, इस तरह की राजनीति से लोकतंत्र कमजोर होता है और जनता का भरोसा टूटता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपील की कि वह जिम्मेदारी के साथ बयान दे और तथ्यों के आधार पर राजनीति करे।
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इस पूरे विवाद के बीच पवन खेड़ा पहले ही कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों और जांच को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। वहीं, कांग्रेस ने अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में और गहरा सकता है, जिससे दोनों दलों के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।
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