केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (5 अप्रैल) को केरल विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने के लिए नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने ईस्टर के मौके पर ईसाई समुदाय को शुभकामनाएं दीं और उनसे एनडीए के समर्थन की अपील की।
एर्नाकुलम जिले के कुन्नाथुनाडु क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि केरल के लोग वर्षों से यूडीएफ और एलडीएफ के बीच सत्ता बदलते रहे हैं, लेकिन दोनों ही दल भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर राज्य को वास्तविक विकास चाहिए, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार को मौका देना होगा।
अमित शाह ने दावा किया कि केरल में एनडीए का वोट प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। 2014 में यह 14 प्रतिशत था, जो 2019 में 16 प्रतिशत और 2024 में 20 प्रतिशत हो गया। उन्होंने कहा कि अब राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनाने का समय आ गया है।
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उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की नीति "सबका साथ, सबका विकास" पर आधारित है और किसी का तुष्टिकरण नहीं किया जाता। उन्होंने पीएफआई पर कार्रवाई और वक्फ संशोधन विधेयक का भी उल्लेख किया।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि वे केंद्र की योजनाओं का नाम बदलकर श्रेय लेने की कोशिश करते हैं। साथ ही उन्होंने सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोना चोरी मामले की सीबीआई जांच कराने का वादा किया।
शाह ने वादा किया कि एनडीए सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे, दो मुफ्त गैस सिलेंडर मिलेंगे और राज्य में एम्स की स्थापना जल्द की जाएगी।
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