वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता और मजदूर आंदोलन के सशक्त स्वर एच.वी. अनंथा सुब्बा राव का बुधवार (28 जनवरी, 2026) को बेंगलुरु में हृदयाघात से निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। छह दशकों से अधिक समय तक श्रमिकों को संगठित करने और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले राव का निधन ट्रेड यूनियन आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
अनंथा सुब्बा राव का पूरा जीवन ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) से जुड़ा रहा। वे संगठन के प्रति आजीवन समर्पित रहे और विशेष रूप से कर्नाटक में परिवहन श्रमिकों के यूनियन आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। बस, ट्रक और अन्य परिवहन क्षेत्र के मजदूरों की समस्याओं को लेकर वे हमेशा मुखर रहे और मजदूर हितों की रक्षा के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया।
राव जनवरी 2026 तक AITUC कर्नाटक कमेटी के अध्यक्ष रहे। हाल ही में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद प्रो. बाबू मैथ्यू को नया अध्यक्ष चुना गया। संगठन के भीतर राव को एक अनुशासित, सिद्धांतनिष्ठ और जमीनी नेता के रूप में जाना जाता था, जिन्होंने युवा कार्यकर्ताओं को भी नेतृत्व के लिए प्रेरित किया।
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उनके सहयोगियों और शिष्यों का कहना है कि अनंथा सुब्बा राव ने हमेशा मजदूरों के सम्मान, उचित मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्य परिस्थितियों के लिए संघर्ष को प्राथमिकता दी। वे केवल एक संगठनात्मक नेता ही नहीं, बल्कि श्रमिकों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी थे।
उनके निधन पर कर्नाटक सहित देशभर के ट्रेड यूनियन नेताओं, सामाजिक संगठनों और श्रमिक वर्ग ने गहरा शोक व्यक्त किया है। AITUC ने कहा कि राव का जीवन संघर्ष, प्रतिबद्धता और निस्वार्थ सेवा का उदाहरण है, जिसे आने वाली पीढ़ियां लंबे समय तक याद रखेंगी।
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