लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटनाक्रम को “मोदी जी के अहंकार की हार” करार दिया।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह केवल एक विधेयक की हार नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस विधेयक के जरिए अपनी राजनीतिक मंशा को आगे बढ़ाना चाहती थी, जिसे विपक्ष ने मिलकर रोक दिया।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों की एकजुटता ने यह साबित कर दिया है कि जब लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की बात आती है, तो सभी दल एक साथ खड़े हो सकते हैं। उन्होंने इस परिणाम को जनता की जीत बताते हुए कहा कि देश की जनता ऐसे फैसलों को समझती है और समय आने पर अपना मत देती है।
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लोकसभा में हुए मतदान में यह विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका, जिसके कारण इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेता इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
जहां सत्तारूढ़ पक्ष ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र की जीत के रूप में पेश कर रहा है। इस मुद्दे पर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले चुनावों पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि इससे राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल, इस पूरे मामले ने संसद और देश की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, जहां आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
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