आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार किए जाने के बाद अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने या लगातार चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता नहीं है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत केवल गंभीर स्वास्थ्य कारणों पर ही दी जा सकती है, और प्रस्तुत रिपोर्ट से यह साबित नहीं होता कि आसाराम की स्थिति गंभीर है। अदालत ने कहा कि जेल प्रशासन जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा सकता है।
ज्ञात हो कि आसाराम विभिन्न मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उन्होंने अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था। लेकिन अदालत ने यह कहते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी कि उनकी मौजूदा हालत सामान्य है और निरंतर अस्पताल में रहने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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आसाराम के वकीलों ने तर्क दिया कि उन्हें उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए राहत दी जानी चाहिए, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। आदेश के बाद आसाराम ने अदालत के निर्देश के अनुसार समर्पण कर दिया।
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