असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को नगांव जिले के राहा में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों के लिए रियायती मसूर दाल और चीनी वितरण योजना को फिर से शुरू किया। इस योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को आवश्यक खाद्य वस्तुएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराना है। योजना के दोबारा शुरू होने से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने राहा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योजना के पुनः शुभारंभ की घोषणा की। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को मसूर दाल और चीनी निर्धारित रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य कम आय वाले और जरूरतमंद परिवारों के लिए जरूरी खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
असम सरकार की इस पहल को खाद्य सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बड़ी संख्या में परिवारों को पहले से ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। अब रियायती मसूर दाल और चीनी के वितरण से इन लाभार्थियों को अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
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योजना के पुनः शुरू होने से उन परिवारों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए रोजमर्रा की खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतें आर्थिक दबाव का कारण बनती हैं। सरकार की ओर से रियायती दर पर दाल और चीनी उपलब्ध कराने से घरेलू बजट पर बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कार्यक्रम के दौरान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।
राहा में योजना के पुनः शुभारंभ के साथ असम सरकार ने खाद्य सुरक्षा और गरीब परिवारों को राहत देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। अब पात्र लाभार्थियों को इस योजना का लाभ निर्धारित वितरण व्यवस्था के माध्यम से मिलेगा।
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