सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार हत्याकांड मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। मामले की सुनवाई के दौरान पीठ के सामने यह जानकारी रखी गई कि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अब तक कोई अपील दायर नहीं की है।
सुनवाई के दौरान जब पीठ को बताया गया कि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए अपील दाखिल नहीं की है, तो पीठ ने कहा कि उसे इस तथ्य की भी जानकारी है कि संभव है राज्य सरकार अपील के लिए आगे नहीं आए। अदालत की यह टिप्पणी मामले में राज्य सरकार की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मामला एक पत्रकार की हत्या से जुड़ा है, जिसमें राम रहीम को पहले दोषी ठहराया गया था। बाद में उच्च न्यायालय के फैसले के तहत उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया। इसी फैसले के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है।
और पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की दी अनुमति, कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश पलटा
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपील को स्वीकार किए जाने का अर्थ है कि अदालत मामले में उठाए गए कानूनी मुद्दों पर आगे सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों की दलीलें और मामले से जुड़े रिकॉर्ड अदालत के सामने रखे जाएंगे।
पीठ ने राज्य सरकार द्वारा अपील दाखिल नहीं किए जाने की स्थिति को भी ध्यान में रखा। अदालत की टिप्पणी से स्पष्ट है कि वह इस तथ्य से अवगत है कि राज्य सरकार की ओर से उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए अलग कार्यवाही नहीं की गई है।
अब इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट यह देखेगा कि उच्च न्यायालय द्वारा राम रहीम को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर अपील में कितनी कानूनी मजबूती है। मामले की अगली कार्यवाही में संबंधित पक्षों की दलीलें महत्वपूर्ण होंगी।
और पढ़ें: झारखंड में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा