केंद्र सरकार ने असम में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (एनएच-15) के तहत गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना के तहत बैहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135.871 किलोमीटर लंबे 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण किया जाएगा।
सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस परियोजना को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) टोल मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इस पर कुल 8,970.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य असम में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना, यात्रा समय कम करना और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।
इस हाईवे परियोजना में तेजपुर बाईपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) भी बनाई जाएगी। इसे भारतीय वायुसेना के साथ समन्वय कर तैयार किया गया है। इससे ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से में मौजूद एनएच-27 पर यातायात का दबाव कम होगा।
और पढ़ें: असम के कछार में फैक्ट्री में सिलेंडर ब्लास्ट, चार मजदूरों की मौत
परियोजना के तहत पांच बड़े बाईपास बनाए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई 58.7 किलोमीटर होगी। इससे बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारुपेटिया, डेकियाजुली और तेजपुर जैसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में जाम की समस्या कम होगी।
हाईवे में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर, एक हाथी अंडरपास, 46 अंडरपास और 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का भी निर्माण किया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस परियोजना से औसत यात्रा गति में लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि होगी और यात्रा समय आधा रह जाएगा।
यह कॉरिडोर असम और अरुणाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। इसके जरिए आठ पीएम गति शक्ति आर्थिक केंद्रों, दो आकांक्षी जिलों—दरांग और उदलगुड़ी, तीन पर्यटन स्थलों—कामाख्या मंदिर, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और ओरांग राष्ट्रीय उद्यान तथा सात लॉजिस्टिक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में बायोगैस उत्पादन बढ़ाने के लिए 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना 2026-27 से 2035-36 तक लागू होगी और कृषि अवशेष, गोबर तथा जैविक कचरे से स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद बनाने को बढ़ावा देगी। सरकार का लक्ष्य संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) क्षेत्र को बड़े स्तर पर विकसित करना है।
और पढ़ें: कारगिल विजय दिवस पर असम के राज्यपाल ने शहीद वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि