असम में हुए Su-30MKI प्रशिक्षण मिशन की दुर्घटना में भारतीय वायुसेना (IAF) के दो बहादुर पायलट स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुर्गकर की दुखद मौत हो गई। IAF ने अपने बयान में उनके शौर्य और बलिदान को सम्मानित करते हुए परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। दोनों पायलटों ने देश की सेवा में अंतिम बलिदान दिया, जो सैन्य हवाई सेवाओं की जोखिम भरी मांगों को दर्शाता है।
दुर्घटना विवरण
Su-30MKI, जो एक ट्विन-सीटर मल्टीरोल फाइटर जेट है और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए प्रसिद्ध है, गुरुवार शाम लगभग 7:42 बजे जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन, असम से प्रशिक्षण मिशन के लिए उड़ान भरी। उड़ान के थोड़ी देर बाद विमान रडार से गायब हो गया। यह दुर्घटना कारबी आंगलोंग जिले, बोकाजान उप-प्रभाग के चोकिओला क्षेत्र के जंगलों में हुई, जो जोरहाट से लगभग 60 किमी दूर है। स्थानीय लोगों ने जोरदार विस्फोट और आग की लपटों की सूचना दी।
IAF ने तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया। जोरहाट के IAF अस्पताल की पांच एम्बुलेंस टीम भी घटनास्थल पहुंचीं। शुक्रवार (6 मार्च) तक जांच में पायलटों की मृत्यु की पुष्टि हुई।
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विमान का परिचय
Su-30MKI को रूस की सुखोई कंपनी द्वारा डिजाइन किया गया था और इसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने लाइसेंस के तहत भारत में निर्मित किया। भारतीय वायुसेना में 260 से अधिक इकाइयां संचालन में हैं। यह दुर्घटना पूर्व दुर्घटनाओं जैसे जून 2024 (नासिक) और जनवरी 2023 (ग्वालियर) जैसी घटनाओं की याद दिलाती है, जिसमें सुरक्षा जांच जारी है।
इस दुखद घटना ने भारतीय वायुसेना के शौर्य और उनके कठिन प्रशिक्षण मिशनों में जोखिम को फिर से उजागर किया।
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