कर्नाटक में बेंगलुरु के पास प्रस्तावित बिदादी एआई सिटी को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार आमने-सामने आ गए हैं। राज्य सरकार द्वारा बिदादी के पास एआई आधारित शहर के लिए भूमि अधिग्रहण किए जाने का कुछ किसान विरोध कर रहे हैं, जिनके समर्थन में कुमारस्वामी रविवार को एक प्रदर्शन में शामिल हुए।
यह प्रदर्शन बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी क्षेत्र में आयोजित किया गया था। किसान सितंबर पिछले साल जारी की गई अधिसूचना के बाद से ही इस परियोजना के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा और उन्हें पर्याप्त मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि बिदादी के पास 10 गांवों में प्रस्तावित करीब 9,000 एकड़ भूमि पर बनने वाली इस एआई सिटी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि जब वे वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने बेंगलुरु में यातायात जाम कम करने के उद्देश्य से बिदादी सहित पांच टाउनशिप के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
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हालांकि, उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में पार्टी बिदादी के नाम का दुरुपयोग कर रही है और इसे एआई-संचालित शहर या ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। कुमारस्वामी ने दावा किया कि यह परियोजना किसानों के हितों के खिलाफ है और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भूमि अधिग्रहण को राज्य के विकास के लिए जरूरी बताते हुए सरकार के फैसले का बचाव किया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और किसानों का विरोध आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
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