बिहार के गया जिले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का दुरुपयोग कर आपत्तिजनक रील बनाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और पहली बार विधायक बनीं मैथिली ठाकुर की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर एक फर्जी वीडियो तैयार किया था।
यह मामला गया के फतेहपुर क्षेत्र का है, जिसे पिछले वर्ष ‘गया जी’ नाम दिया गया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास कुमार यादव के रूप में हुई है, जो शबदो गांव का निवासी है और फतेहपुर में पढ़ाई कर रहा था।
पुलिस पूछताछ में विकास ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर लगातार रील बनाकर पोस्ट करता था, लेकिन उसके वीडियो को ज्यादा लाइक्स और व्यूज नहीं मिलते थे। इसके बाद उसने वायरल होने के लिए एक विवादित कदम उठाने का फैसला किया।
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आरोपी ने बताया कि जब निशांत कुमार हाल ही में जेडीयू में शामिल हुए, तब उसे यह आइडिया आया। उसने एआई तकनीक की मदद से निशांत कुमार और मैथिली ठाकुर की तस्वीरों को जोड़कर एक आपत्तिजनक रील बनाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दिया।
रील पोस्ट होते ही तेजी से वायरल हो गई और उस पर लाइक्स, कमेंट्स और शेयर बढ़ने लगे। इससे आरोपी को लगा कि वह सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध हो जाएगा, लेकिन जल्द ही पुलिस तक मामला पहुंच गया।
13 मार्च को यह वीडियो वायरल होने के बाद फतेहपुर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी सेल की मदद से सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया गया, जिससे आरोपी की पहचान हुई।
इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर विकास कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल कर किसी की छवि खराब करना गंभीर अपराध है।
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