बिहार में आगामी विधान परिषद चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बढ़ते मतभेद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को सौंपी गई है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
संजय कुमार झा ने कहा कि पार्टी दोनों नेताओं के बीच चल रहे विवाद से अवगत है। चूंकि यह मामला ललन सिंह के मुंगेर लोकसभा क्षेत्र से संबंधित है, इसलिए पार्टी ने उन्हें मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने कहा कि ललन सिंह दोनों नेताओं के बीच बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे।
जेडीयू में विवाद इस सप्ताह उस समय सामने आया, जब पार्टी के प्रभावशाली नेता और मोकामा विधायक अनंत सिंह ने आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव में जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन देने की घोषणा की। अनुज सिंह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार हैं। इसी सीट से जेडीयू के नीरज कुमार दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं।
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अनंत सिंह ने खुले तौर पर अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार किया और उनके नामांकन के दौरान भी साथ मौजूद रहे। इस दौरान उनके समर्थकों ने राजीव रंजन सिंह और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में नारे लगाए। हालांकि, अनंत सिंह ने कहा कि जेडीयू एकजुट है।
दोनों नेताओं के बीच मतभेद का इतिहास पुराना है। 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था, जबकि अनंत सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। अनंत सिंह ने उस चुनाव में अपनी सीट बरकरार रखी थी। इसके बाद से दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।
अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी की लाइन की जानकारी नहीं है, लेकिन नीरज कुमार ने कई मौकों पर उनका विरोध किया है और वह उसी तरह जवाब देना चाहते हैं।
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें जेडीयू चार सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है, जबकि उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बाकी चार सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
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