बिहार के सुपौल जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शैक्षणिक भ्रमण पर गए पांच सरकारी शिक्षक शराब के नशे में पाए गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना उस समय सामने आई जब शिक्षक भारत-नेपाल सीमा से वापस लौट रहे थे।
पुलिस के अनुसार, ये शिक्षक मुख्यमंत्री की ‘बिहार दर्शन’ योजना के तहत छात्रों के साथ नेपाल गए थे। वापसी के दौरान भीमनगर चेकपोस्ट पर नियमित जांच के दौरान इन सभी को रोका गया। जांच में ब्रीथ एनालाइजर मशीन से परीक्षण किया गया, जिसमें पांचों शिक्षक शराब के सेवन की पुष्टि हुई।
गिरफ्तार शिक्षकों की पहचान शिवांश कुमार, दीपनारायण राम, इंग्लिश कुमार, धीरेंद्र कुमार और मिथु कुमार के रूप में हुई है।
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मद्य निषेध विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संजय कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि बिहार में शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब का सेवन, खरीद, बिक्री और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, शिक्षा विभाग को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है ताकि विभागीय कार्रवाई की जा सके।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिन शिक्षकों पर बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी होती है, उनका इस तरह का आचरण बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है।
सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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