राजस्थान के बीकानेर में पुलिस जांच के दौरान पाकिस्तान से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स और हथियार तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत में हेरोइन और विदेशी हथियारों की खेप भेजी जा रही थी। इस नेटवर्क की फंडिंग दुबई स्थित हवाला चैनलों के माध्यम से की जाती थी, जबकि इसके संचालन के तार पंजाब की जेल से जुड़े अपराधियों तक पहुंचने के संकेत मिले हैं।
पूरे मामले का खुलासा करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन और विदेशी हथियारों की खेप बरामद होने के बाद हुआ। पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों से पुलिस को पता चला कि यह कोई स्थानीय गिरोह नहीं, बल्कि सीमा पार सक्रिय एक संगठित अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट है।
जांच के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से भारत की सीमा में नशे और हथियारों के पैकेट गिराए जाते थे। पहले से तय स्थानों पर मौजूद स्थानीय तस्कर इन खेपों को उठाकर राजस्थान, पंजाब और अन्य राज्यों में आगे पहुंचाते थे। इस पूरी प्रक्रिया में सीमा से लगे क्षेत्रों का इस्तेमाल किया जाता था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके।
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पुलिस ने यह भी पाया कि पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियां दुबई के हवाला नेटवर्क के जरिए संचालित हो रही थीं। तस्करों तक धन हवाला के माध्यम से पहुंचाया जाता था, जबकि डिजिटल लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी गहन जांच की जा रही है।
एक अन्य महत्वपूर्ण खुलासे में सामने आया कि इस सिंडिकेट के संचालन के निर्देश कथित तौर पर पंजाब की जेल में बंद अपराधियों द्वारा दिए जा रहे थे। जांच एजेंसियां ऐसे कई संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
बीकानेर पुलिस, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे होने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से पाकिस्तान समर्थित तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
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