भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “आतंकवादी” शब्द का प्रयोग किया था।
इस प्रतिनिधिमंडल में निर्मला सीतारमण, किरण रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे।
किरण रिजिजू ने कहा कि यह बयान पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा, “हम बहुत दुख और आक्रोश के साथ चुनाव आयोग के पास आए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहकर पूरे देश का अपमान किया है।”
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इससे पहले मंगलवार को बीजेपी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि खड़गे का बयान आचार संहिता का उल्लंघन है। पार्टी ने इसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 175 के तहत अपराध बताते हुए इसे मानहानि का मामला भी बताया।
बीजेपी ने चुनाव आयोग से मांग की कि कांग्रेस अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश दिया जाए।
वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका मतलब यह नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका इशारा सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग की ओर था।
खड़गे ने कहा कि उनका बयान चुनावों के दौरान विपक्षी नेताओं को डराने और उनकी आवाज दबाने के लिए की जाने वाली कार्रवाई पर था। उन्होंने कहा कि उनका संदर्भ सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग की जांचों से था।
उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री को आतंकवादी नहीं कहा। मैंने कहा कि वे ऐसी व्यवस्था चला रहे हैं जिससे डर का माहौल बन रहा है।”
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