संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद गुलाम अली खटाना ने लोकतंत्र में संवाद और सहयोग के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी होता है।
भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने रविवार को कहा कि संसद का सत्र शुरू होने से पहले सभी राजनीतिक दलों का एक साथ बैठना वर्षों पुरानी परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य सभी दलों के विचारों को सुनना और संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहमति बनाना होता है।
खटाना ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और लोकतंत्र में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को सरकार के पक्ष और नीतियों को भी सुनना चाहिए, ताकि देशहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हो सके।
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उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
भाजपा सांसद ने कहा कि सरकार हमेशा विपक्ष के सुझावों को सुनने के लिए तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि संसद में बहस और विचार-विमर्श लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन हंगामे और व्यवधान से जनता के मुद्दों पर चर्चा प्रभावित होती है।
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। इससे पहले केंद्र सरकार ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों और सदन की कार्यवाही को सुचारू रखने पर चर्चा की गई।
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