भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान मामदानी द्वारा जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद के समर्थन में लिखी गई टिप्पणी को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार देते हुए कड़ा ऐतराज़ जताया है। बीजेपी ने स्पष्ट कहा कि भारत किसी भी तरह के बाहरी दखल को स्वीकार नहीं करेगा।
शुक्रवार (2 जनवरी 2025) को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सवाल उठाया कि किसी विदेशी नेता को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्यायपालिका पर टिप्पणी करने का क्या अधिकार है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर भारत की संप्रभुता को चुनौती दी गई, तो 140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट होकर इसका जवाब देंगे।”
गौरव भाटिया ने यह भी कहा कि देश की जनता को भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा इस पर सवाल उठाना अनुचित है। उन्होंने दो टूक कहा, “अगर कोई आरोपी के समर्थन में सामने आता है और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है, तो देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”
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बीजेपी की यह प्रतिक्रिया तब आई जब ज़ोहरान मामदानी ने उमर खालिद के लिए एक हस्तलिखित संदेश लिखा। इस संदेश को उमर खालिद की साथी बानो ज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। नोट में मामदानी ने ‘कड़वाहट’ पर उमर खालिद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए।
गौरतलब है कि उमर खालिद और कुछ अन्य लोगों पर फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के कथित ‘मास्टरमाइंड’ होने का आरोप है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। खालिद पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। UAPA के तहत आरोपित लोगों को जमानत मिलना कठिन होता है, क्योंकि आरोप झूठे साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी पर ही होती है।
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