उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। कानपुर दौरे के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव के हालिया राजनीतिक रुख और ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ‘बहुरूपिए जैसा व्यवहार’ कर रहे हैं।
बृजेश पाठक ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान पार्टी ने मुख्य रूप से एम-वाई (मुस्लिम-यादव) फैक्टर की राजनीति पर काम किया, जबकि अब उसका राजनीतिक रुख बदलता दिखाई दे रहा है। उन्होंने अखिलेश यादव के ब्राह्मणों की ओर बढ़ते झुकाव को भी इसी बदलाव से जोड़ते हुए निशाना साधा।
उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल पर कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर भी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय उत्तर प्रदेश में अपराध और माफिया का प्रभाव बढ़ गया था और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी और अपराध पर नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए।
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‘सपा शासन में अपराधियों को मिला बढ़ावा’
बृजेश पाठक ने कहा कि सपा के शासन में गुंडों और अपराधियों का प्रभाव बढ़ा था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के आने के बाद प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान अपराध और अव्यवस्था के बजाय विकास, निवेश और बेहतर कानून-व्यवस्था से हो रही है।
2017 के बाद बदली तस्वीर का दावा
उपमुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकला और राजस्व अधिशेष वाला राज्य बना। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और विकास के साथ वित्तीय स्थिति सुधारने पर भी सरकार ने काम किया है।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बृजेश पाठक ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर बनेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरोसा भाजपा सरकार के विकास कार्यों और सुशासन पर कायम है।
कानपुर में दिए गए बृजेश पाठक के बयान के बाद भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। अखिलेश यादव पर ‘बहुरूपिए’ वाली टिप्पणी को सपा पर भाजपा के तीखे राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।
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