वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स देशों का निर्यात वर्ष 2003 के करीब 900 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। उन्होंने इसे ब्रिक्स बाजार के विशाल आकार और उसकी आर्थिक क्षमता का संकेत बताया।
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि वैश्विक निर्यात में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी भी लगभग दोगुनी होकर करीब 24 प्रतिशत हो गई है। उनके मुताबिक, आंकड़े इस समूह की बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक व्यापार में बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि इस वर्ष आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम अब तक का सबसे बड़ा मंच है। इसमें सदस्य देशों के कारोबारी प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने वैश्विक व्यापार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
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फोरम में वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं, कृषि और कृषि-प्रौद्योगिकी, सेवाओं के व्यापार, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच बढ़ता व्यापार समूह की आर्थिक क्षमता को दिखाता है। अब आवश्यकता इस गति को आगे बढ़ाते हुए सदस्य देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम का आयोजन दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर किया गया है। शिखर सम्मेलन शनिवार से नई दिल्ली में शुरू होगा। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है।
गोयल के अनुसार, निर्यात में हुई तेज वृद्धि ब्रिक्स देशों के लिए नए कारोबारी अवसरों का संकेत देती है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में समूह की भूमिका और मजबूत होने की संभावना है।
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