प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत विश्व नेताओं का स्वागत किया। इसी दौरान भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी शुरू हुई, जिसमें पीएम मोदी ने शी जिनपिंग के समर्थन के लिए आभार जताया।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मुख्य विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान इन चार प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। लचीलेपन के तहत स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य, ऊर्जा, आपदा जोखिम में कमी और आपूर्ति शृंखला जैसे क्षेत्रों में सामूहिक सहयोग मजबूत करने पर काम किया जा रहा है।
शिखर सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग भी शामिल हो रहे हैं।
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, विश्व व्यापार संगठन की महानिदेशक न्गोजी ओकोंजो-इवेला, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस, न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष दिल्मा रूसेफ और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक की प्रमुख झोउ जियायी भी सम्मेलन में भाग ले रही हैं।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा यह सम्मेलन रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान और ट्रंप प्रशासन की व्यापार एवं शुल्क नीतियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और नाविक सुरक्षित रहें। भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है।
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