तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीआरएस ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सिकंदराबाद का नाम और उसकी सदियों पुरानी पहचान “मिटाने” की कोशिश कर रही है, जिसे पार्टी ने सांस्कृतिक तोड़फोड़ करार दिया है।
बीआरएस ने GHMC के पुनर्गठन प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि यह कदम केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि सिकंदराबाद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर सीधा हमला है। पार्टी के एमएलसी श्रवण दासोजू ने इस प्रस्ताव को शहर के इतिहास और नागरिकों के आत्मसम्मान का अपमान बताया। उन्होंने इसे “प्रशासनिक सुधार के नाम पर सांस्कृतिक हत्या” करार दिया।
दासोजू ने कहा कि सिकंदराबाद केवल नक्शे पर एक डाक कोड या प्रशासनिक इकाई नहीं है। 1806 में स्थापित यह शहर दो शताब्दियों से अधिक समय से हैदराबाद का गर्वित जुड़वां शहर रहा है और इसकी अपनी विशिष्ट संस्कृति और पहचान है। ऐसे ऐतिहासिक शहर को पुनर्गठन के नाम पर समाप्त करने की कोशिश इतिहास की हत्या के समान है।
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उन्होंने इस प्रस्ताव की एकतरफा प्रकृति पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीतने का मतलब यह नहीं कि किसी सरकार को शहर की नागरिक पहचान को तोड़ने का लाइसेंस मिल जाता है। दासोजू ने मल्काजगिरी नाम से एक अलग नगर निगम (MCH) बनाने और इसके लिए ऐतिहासिक सिकंदराबाद की सीमाओं को जबरन शामिल करने की योजना की भी कड़ी निंदा की।
बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि इस तरह के बड़े फैसले बिना जन परामर्श और हितधारकों की भागीदारी के लिए जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक शासन के बजाय सत्ता का तानाशाही प्रदर्शन बताया। दासोजू ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार से इन “खतरनाक प्रयासों” को तुरंत रोकने की मांग की।
बीआरएस ने यह भी ऐलान किया कि पार्टी सिकंदराबाद के अस्तित्व और उसकी ऐतिहासिक गरिमा की रक्षा के लिए एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी।
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