केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी को ₹232 करोड़ की कथित हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि देहरादून हवाईअड्डे पर तैनाती के दौरान इस अधिकारी ने सरकारी धन का दुरुपयोग करने के लिए एक संगठित धोखाधड़ी तंत्र तैयार किया और आधिकारिक व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर कर बड़े पैमाने पर गबन किया।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने लंबे समय तक हवाईअड्डे से जुड़ी वित्तीय लेन-देन प्रक्रियाओं में गड़बड़ी की और विभिन्न खातों के माध्यम से रकम को निजी उपयोग के लिए स्थानांतरित किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकारी ने दस्तावेजों को फर्जी तरीके से तैयार करने और डिजिटल डेटा को बदलने के लिए उन्नत तकनीकी उपाय अपनाए, जिससे यह धोखाधड़ी कई वर्षों तक अनदेखी रही।
जांच एजेंसी ने बताया कि आरोपी के आवास और कार्यालयों पर छापे मारकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण जब्त किए गए हैं। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गबन में और कौन-कौन शामिल था तथा क्या यह किसी बड़े रैकेट का हिस्सा है।
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एएआई ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसी की नीति ज़ीरो टॉलरेंस की है और जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस मामले ने देशभर में हवाईअड्डा प्रबंधन और वित्तीय निगरानी प्रणालियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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