केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अज्ञात अधिकारियों और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है, ताकि 2008 के तस्करी मामले में बीएसएफ के दो कांस्टेबलों, बी. वेणकटस्वामी और तरसेम सिंह, को झूठा फंसाने के आरोप में रिकॉर्ड छेड़छाड़ की जांच की जा सके। इस कार्रवाई को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के तहत किया गया, जिसने बीएसएफ कांस्टेबलों की याचिका पर सुनवाई की थी।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 8 सितंबर 2025 को अपने आदेश में कहा था कि मामले की "प्रारंभिक जांच के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है" और इस मामले की गहन जांच की आवश्यकता है। इस आदेश के बाद, सीबीआई ने जांच की प्रक्रिया शुरू की, जो बीएसएफ कांस्टेबलों के खिलाफ दर्ज आरोपों की सच्चाई को उजागर करने का प्रयास करेगी।
2008 के तस्करी मामले में बीएसएफ कांस्टेबलों के खिलाफ रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर उन्हें झूठा फंसाने के आरोप लगे थे। इस मामले में छेड़छाड़ के आरोपों ने बीएसएफ की छवि को नुकसान पहुंचाया और सीबीआई ने इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की।
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सीबीआई की यह जांच उन आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे बीएसएफ के अधिकारियों की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
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