सिक्किम में हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजे पूरी तरह से एकतरफा रहे, जहां सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) ने 63 में से 58 वार्ड निर्विरोध जीत लिए। विपक्षी दलों द्वारा चुनाव बहिष्कार किए जाने के कारण यह चुनाव लगभग बिना मुकाबले के संपन्न हो गया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जो SKM की सहयोगी पार्टी है, ने 4 वार्डों पर जीत हासिल की है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, एक वार्ड पर मुकाबला जारी है, जिसका परिणाम मतगणना के बाद घोषित किया जाएगा।
विपक्षी दलों सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) और सिटिजन एक्शन पार्टी (CAP) ने आरक्षण नीति को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया था, जिसके चलते अधिकांश सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
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इस चुनाव में केवल एक वार्ड—गंगटोक नगर निगम के डीजल पावर हाउस वार्ड—में मुकाबला देखने को मिला, जहां भाजपा की सृजना छेत्री और एक निर्दलीय उम्मीदवार बिंदिया चिंतुरी के बीच सीधा मुकाबला है।
ये चुनाव सिक्किम के नौ शहरी निकायों—गंगटोक, नामची, सिंगताम, पाकयोंग, रंगपो, ग्यालशिंग, जोरथांग, सोरेंग और मंगन—में आयोजित किए गए थे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, लगभग 93,800 मतदाताओं ने 63 वार्डों और 121 मतदान केंद्रों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इससे पहले 2021 में हुए नगर निकाय चुनावों में भी SKM ने 58 सीटें निर्विरोध जीती थीं, जबकि भाजपा को 4 सीटें मिली थीं। उस समय भी विपक्षी दलों के बीच चुनाव प्रक्रिया और आरक्षण व्यवस्था को लेकर विवाद देखने को मिला था।
विशेषज्ञों का मानना है कि विपक्ष के बहिष्कार ने इस बार चुनावी प्रतिस्पर्धा को लगभग समाप्त कर दिया, जिससे SKM को भारी बढ़त मिल गई। अब सभी की नजर केवल गंगटोक के एकमात्र मुकाबले वाले वार्ड के परिणाम पर टिकी हुई है।
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