मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने केरल विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के बाद कहा कि राज्य की चुनाव व्यवस्था और राजनीतिक पार्टियों की तत्परता विश्व के लिए लोकतांत्रिक मॉडल पेश कर सकती है। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श बन सकते हैं।
CEC ज्ञानेश कुमार ने केरल को अपनी “कर्म भूमि” बताते हुए 22 साल पहले के अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों के सहयोग को सराहा और मतदाताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा, "चुनाव का पर्व, केरलम का गर्व। जय भारत, जय हिंद।"
मतदाता-केंद्रित नवाचार
चुनाव आयोग ने मतदाता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई पहल शुरू की हैं। अब मतदाता मोबाइल फोन लेकर मतदान स्थल तक जा सकते हैं। EVM में उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें दिखाई जाएंगी ताकि पहचान आसान हो। प्रत्येक मतदान अधिकारी हर दो घंटे में मतदान प्रतिशत डेटा ECINET ऐप पर अपलोड करेंगे। सभी मतदान स्थलों पर वेबकास्टिंग भी की जाएगी, जिससे पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
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सुलभता और गणना उपाय
विशेष प्रावधान वरिष्ठ नागरिकों (85 वर्ष से अधिक) और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर पर मतदान की सुविधा प्रदान करते हैं। मतगणना में सुधार किए गए हैं—डाक मतपत्र EVM से दो राउंड पहले शुरू होंगे, और अगर Form 17C और EVM डेटा मेल नहीं खाते, तो VVPAT स्लिप अनिवार्य रूप से सत्यापित की जाएगी।
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि केरल की उच्च साक्षरता, युवा सहभागिता और लोकतांत्रिक संस्कृति उच्च मतदान और विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चुनाव मानक तय करेंगे और भविष्य के चुनावों के लिए आदर्श स्थापित करेंगे।
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