चामुंडेश्वरी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CESC), मैसूर, अपने क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर क्षमता वृद्धि और बुनियादी ढांचे के विकास कार्य कर रही है। यह प्रयास मुख्य रूप से केयूएसयूएम (KUSUM) योजनाओं के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विद्युत हानि कम करना और सप्लाई की विश्वसनीयता बढ़ाना है।
केयूएसयूएम-सी (KUSUM-C) योजना के तहत CESC क्षेत्र के भीतर 900 मेगावाट बिजली उत्पादन की पहल की गई है। गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए, इनमें से लगभग 600 मेगावाट क्षमता मार्च तक CESC ग्रिड में जोड़ी जाएगी। इससे विद्युत आपूर्ति पर दबाव कम होगा और उपभोक्ताओं को स्थिर और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
CESC द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास के तहत नेटवर्क अपग्रेडेशन, ट्रांसफॉर्मर इंस्टालेशन, और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य बिजली वितरण में तकनीकी हानियों को कम करना और पावर सिस्टम की क्षमता को बेहतर बनाना है।
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मैसूर क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और घरेलू बिजली की जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना समय पर पूरी करना बेहद जरूरी है। अधिकारी बता रहे हैं कि बिजली आपूर्ति में सुधार और नई क्षमता जोड़ने के प्रयासों से क्षेत्रीय ग्रिड की स्थिरता में सुधार होगा और पीक घंटों में बिजली कटौती की समस्या कम होगी।
CESC का यह कदम राज्य में सतत ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और लोगों तथा उद्योगों की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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