मोहाली के सोहाना थाना पुलिस ने पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड में आउटसोर्स आधार पर तैनात एक महिला क्लर्क के खिलाफ फर्जी हाजिरी लगाने और बिना ड्यूटी किए वेतन लेने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला लंबे समय से कार्यालय में उपस्थित हुए बिना ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही थी और सरकारी धन का गलत तरीके से लाभ उठा रही थी।
आरोपी की पहचान कोमल शर्मा के रूप में हुई है, जो चंडीगढ़ के मणिमाजरा स्थित सुभाष नगर की निवासी है। कोमल शर्मा चंडीगढ़ वार्ड नंबर 4 की पार्षद सुमन शर्मा की रिश्तेदार (भाभी) है। सुमन शर्मा ने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा है, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कोमल शर्मा को पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड में एक निजी एजेंसी के माध्यम से क्लर्क के रूप में तैनात किया गया था। जांच में सामने आया है कि उसने कई मौकों पर कार्यालय में आए बिना ही अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और नियमित रूप से वेतन प्राप्त करती रही। इस कथित अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच की गई, जिसके आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
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सोहाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की मिलीभगत तो नहीं थी। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कितने समय तक इस तरीके से वेतन लिया और सरकारी खजाने को कितना नुकसान पहुंचा।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने एक बार फिर आउटसोर्स कर्मचारियों की निगरानी और उपस्थिति प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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