राजस्थान की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने राज्य में कथित रूप से सामने आए लगभग 2000 करोड़ रुपये के मिड-डे मील घोटाले का खुलासा किया है। इस मामले में ACB ने 21 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह घोटाला कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूली बच्चों को भोजन सामग्री की आपूर्ति से जुड़ा बताया जा रहा है।
ACB के प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मिड-डे मील योजना से जुड़े अधिकारी और राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (CONFED) के कुछ पदाधिकारियों ने आपस में मिलीभगत कर नियमों में हेरफेर की। जांच एजेंसी के अनुसार, महामारी के दौरान स्कूली बच्चों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं।
ACB अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि कोविड-19 के दौरान दाल, तेल, मसाले और अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थों से युक्त ‘कॉम्बो पैक’ CONFED के माध्यम से सप्लाई किए गए थे। इन पैकेटों का उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा संचालित मिड-डे मील योजना के तहत स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना था, क्योंकि उस समय स्कूल बंद थे।
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आरोप है कि इन कॉम्बो पैकों को FSSAI और एगमार्क मानकों के अनुरूप बताया गया और दावा किया गया कि इन्हें राज्य के स्कूलों तक घर-घर (डोरस्टेप) पहुंचाया गया। हालांकि, ACB की जांच में संदेह जताया गया है कि आपूर्ति, गुणवत्ता और कीमतों में भारी अनियमितताएं हुईं और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
जांच एजेंसी का कहना है कि सामग्री की खरीद, वितरण और भुगतान प्रक्रिया में नियमों को जानबूझकर तोड़ा गया, जिससे सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ACB ने संकेत दिए हैं कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे व गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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