पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। इस मामले की जांच के लिए राज्य पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस एसआईटी का नेतृत्व आईजी रैंक का अधिकारी करेगा।
चंद्रनाथ रथ की बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है, खासकर नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले इस हत्या ने राजनीतिक हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एसआईटी में विभिन्न जिलों और विशेष इकाइयों के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। जांच टीम हमले के हर पहलू की गहराई से पड़ताल करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।
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सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है, हालांकि मुख्य शूटर अभी भी फरार हैं। तीन स्थानीय अपराधियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने इस हमले में किसी प्रकार की मदद की थी या नहीं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना रात करीब 10:30 बजे हुई। चंद्रनाथ रथ कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे, तभी दोहरिया इलाके में उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी का पीछा कर रही एक कार अचानक आगे आ गई। इसके तुरंत बाद मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गाड़ी के बाईं ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
हमले में चंद्रनाथ रथ के सीने, पेट और चेहरे पर गोलियां लगीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं उनके चालक को भी गोली लगी और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना के विरोध में पश्चिम मेदिनीपुर समेत कई इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और तृणमूल कांग्रेस पर साजिश का आरोप लगाया।
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