मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने राज्यभर में ‘चक्का जाम आंदोलन’ शुरू किया। इस आंदोलन के तहत कई जिलों में सड़कें जाम कर प्रदर्शन किए गए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी और उनके साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई, फसलों के उचित दाम, बिजली संकट, खाद-बीज की कमी और किसानों के कर्ज जैसे मुद्दों को उठाया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश के किसान लगातार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिल रहा और समर्थन मूल्य पर खरीद व्यवस्था भी कमजोर साबित हो रही है।
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आंदोलन के दौरान कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर बैठकर नारेबाजी की और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। पार्टी ने सरकार से किसानों के लिए राहत पैकेज, बिजली बिल में राहत और फसल खरीद की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आंदोलन को राजनीतिक नौटंकी बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए किसानों के मुद्दे पर प्रदेश में सियासी माहौल और गर्म हो सकता है। कांग्रेस इस आंदोलन के जरिए ग्रामीण और किसान वर्ग को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है।
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